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About Me

Janak Yadav, who?

Namaste, I am Janak Kumar Yadav, blogger and moderator for the blog - JANAK YADAV (. COM) from India.

Welcome to my blog on display here.

WHO AM I?

I am a Graduate in Finance (Honours) from the University of Calcutta. I live in Howrah City, offshore to Kolkata - the India's City of Joy.

My ancestral home is in Gorakhpur - Current Uttar Pradesh Chief Minister Mahant Yogi Adityanath's Jila Gorakhpur, remember!

I am fond of reading just anything that feels worth gaining knowledge from. Listening to music, especially Ghazal and Sufi songs (Classical Genre) is my favorite. Whereas, my hobby is to collect Sim Cards. I have a bunch of them, do send me your old junk sim cards if you can.

Dreamt of becoming a Radio Jockey but later found that my fingers speak better than my mouth. Thus entered the blogging arena with my Office Of Words i.e, my blog without any specific niche but just with a multilingual aspect of Hindi and English. I write and share what I feel like my readers want to read or know through my website.

You know what, 'What a life' changed to a better website title prospect 'Straight from Janak'. Later I finally settled as per the domain URL - www.janakyadav.com on which I have been blogging on since years. Pun intended, only with respect to the blog archive. 

My blog is a dynamic place to express my views & opinions, share my thoughts & experiences along with the memoirs from my life; vividly revolving around India, People & Society, it's traditions, customs, and rituals due to my eagerness to do creative content photography.

I blog here to share through my photography, actually "Smartphone Photography". 
I feel glad to present to you, my selective words and photographs together. With always in mind to hearing more from you.

Keep coming here and subscribe to our emails for fast updates about our new blog posts.

All The Best,
JANAK YADAV DOT COM

Popular posts from this blog

#TheBlindList to see the India outside India and #SayYesToTheWorld

For me "To travel is to explore with all senses"

The senses of sight, hearing, smell, taste, and touch define whether my traveler-wandering soul attained solace or is ready for more exploration.

As you all know from my Blogging profile that I reside in Howrah district in the state of West Bengal, India.

The name Howrah might make you remember that famous Cantilever bridge known as Howrah Bridge which connects two cities situated on the east and west side of the river Ganga or Hooghly river. The same Howrah Junction station acts as the gateway to Kolkata too, earlier known as Calcutta which served as the capital of India under till 1911 during British Empire of East Indian Company.

For your knowledge, It's the same Howrah Station that now holds two multipurpose railway stations at one place, one for the Indian Railways and other for Kolkata Metro Railways underneath the former one as the east-west line of Kolkata Metro crosses beneath the river Hooghly. The place Howrah …

कोलकाता के थीम दुर्गा पूजा के सभी फोटो - Durga Puja Photo Throwback

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी है। इसे भारत का सिटी ऑफ़ जॉय भी कहा जाता है यानि एक ऐसा शहर जो खुशियों से भरा हो। मैं तो इसे त्योहारों की राजधानी मानता हूँ। ऐसा ही एक त्योहार है दुर्गा पूजा जिसे देश के अन्य भागों में दशहरा या दसरा के नाम से भी जाना जाता है। वैसे दुर्गा पूजा और दशहरा में उतना ही अंतर है जितना की नवरात्री और दुर्गा पूजा में है। चाहे नाम जो भी हो पर देवी दुर्गा की आराधना ही इस पर्व का मूल उद्देश्य होता है।


कोलकाता-वासी साल भर राह देखते रहते हैं के कब दुर्गा पूजा आए और उनकी खुशियों में चार चाँद लगे। इसकी उलटी गिनती ओडिशा के प्रसिद्द श्री जगन्नाथ जी के 'रथ यात्रा' के दिन से शुरू हो जाती है। कमोवेश रथ पूजा के बाद से 100 दिन शेष रह जाते हैं दुर्गा पूजा के लिए जो की तैयारियां शुरू कर देने का उद्घोष होता है।



बंगाली समाज में माता रानी से इतना लगाव है की कोलकाता और बंगाल के सभी जिलों में दुर्गा पूजा बड़े ही धूम-धाम से मनाई जाती है।



गली हो या मोहल्ला, थोड़ी सी जगह हो या बड़ी-चौड़ी जगह दुर्गोत्सव के रूप-रंग में ढलने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होती। बड़ी ही सरलता से छोटी-स…

चले आना तू पान की दुकान पे 18 साल के होने के बाद

"18 साल से कम उम्र वाले को सिगरेट - पान - गुटखा - तम्बाकू नहीं दिया जायेगा " ऐसा आपने कितने पान दुकानों में लिखा देखा है?  या कितने पान शॉप पर पान बेचने वाले भईया होंगे जो ऐसी सोच रखते होंगे या मानते होंगे?

भारत में जब तक आप 18  साल के नहीं होते तब तक आप नाबालिग हैं। यानि आपके बचपने वाले बर्ताव के कारण आपके लिए नियम और दंड भी अलग है। जैसे नाबालिगों को वोट न दे पाना सबसे सामान्य वर्जित नियमों में से एक है। पर उसके साथ ही आप सिगरेट, बीड़ी, पान, गुटखा, तम्बाकू, शराब या कोई भी नशा करने वाला पदार्थ ना कोई नाबालिगों को बेच सकता है और ना ही आप १८ साले से कम उम्र होने के वजह से खरीद सकते हो। उसी तरह एडल्ट फिल्म भी वर्जित है क्यूंकि उसके लिए आपको एडल्ट होना या बालिग होना जरुरी है।

फिर भी ऐसा होता कहाँ है। वर्जित है तो सही पर मानता कौन है?

अजी मानने वाले मानते हैं, और वो ही मानते हैं जो बुद्धि से और शरीर से बालिग हो जाते हैं। जिन्हे पैसे की भूख नहीं देश को सही दिशा देने की भूख होती है। 


जैसे अपने जलन्धर प्रसाद चौरसिया जी।  चौरसिया जी की पान की दुकान है पश्चिम बंगाल के हावड़ा मैदान में…