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Showing posts from October, 2018

#TheBlindList to see the India outside India and #SayYesToTheWorld

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For me "To travel is to explore with all senses"

The senses of sight, hearing, smell, taste, and touch define whether my travel-wandering soul attained solace or is it ready again for more exploration.

As you all know from my Blogging profile that I reside in Howrah district which falls in the state of West Bengal, India.

The name Howrah might make you remember that famous Cantilever bridge known as Howrah Bridge which connects two cities, Kolkata and Howrah, situated on the east and west side of the tributary of river Ganga known as river Hooghly or Adi Ganga. At the one end of the Howrah bridge is the famous Howrah railway station in Howrah City which acts as the gateway to the 'City of Joy' Kolkata, earlier known as Calcutta, which is on the other side of this cantilever bridge. Calcutta, by this name, was the capital of India before New Delhi until 1911 during the British Empire of East Indian Company.

For your information, I as a Howrah resident feel the pride …

कोलकाता के थीम दुर्गा पूजा के सभी फोटो - Durga Puja Photo Throwback

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कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी है। इसे भारत का सिटी ऑफ़ जॉय भी कहा जाता है यानि एक ऐसा शहर जो खुशियों से भरा हो। मैं तो इसे त्योहारों की राजधानी मानता हूँ। ऐसा ही एक त्योहार है दुर्गा पूजा जिसे देश के अन्य भागों में दशहरा या दसरा के नाम से भी जाना जाता है। वैसे दुर्गा पूजा और दशहरा में उतना ही अंतर है जितना की नवरात्री और दुर्गा पूजा में है। चाहे नाम जो भी हो पर देवी दुर्गा की आराधना ही इस पर्व का मूल उद्देश्य होता है।


कोलकाता-वासी साल भर राह देखते रहते हैं के कब दुर्गा पूजा आए और उनकी खुशियों में चार चाँद लगे। इसकी उलटी गिनती ओडिशा के प्रसिद्द श्री जगन्नाथ जी के 'रथ यात्रा' के दिन से शुरू हो जाती है। कमोवेश रथ पूजा के बाद से 100 दिन शेष रह जाते हैं दुर्गा पूजा के लिए जो की तैयारियां शुरू कर देने का उद्घोष होता है।



बंगाली समाज में माता रानी से इतना लगाव है की कोलकाता और बंगाल के सभी जिलों में दुर्गा पूजा बड़े ही धूम-धाम से मनाई जाती है।



गली हो या मोहल्ला, थोड़ी सी जगह हो या बड़ी-चौड़ी जगह दुर्गोत्सव के रूप-रंग में ढलने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होती। बड़ी ही सरलता से छोटी-स…