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देशी गन्ने का जूस- अमृत से सत्कार

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गर्मी का महीना, भरी दोपहरी, कड़क धुप और उसपे अगर मोटरसाइकिल से पड़ोस के गॉव में अपने किसी हितैषी से मिलने जाना हो तो भी ये चिलचिलाती गर्मी हित-मीत वाले चाल-चलन नहीं दिखलाती है।  पर हित तो हित ही होते हैं । घर के दरवाजे पर पहुंचे नहीं के चारपाई लग गयी पीपल के पेड़ के निचे।  


Extracting sugarcane juice- The Desi Style
बाकायदा दुआ-सलाम होने के साथ-साथ बच्चों को जल्द से जल्द सेवा में अमृत पान कराने को कहा गया । बच्चे ने ईंख चिभते हुए सर हिलाया! पछुआ हूं-हूं (पश्चिम दिशा से बहनेवाली हवा) कर बह रही थी! सर से पैर तक पसीने से बुरा हाल हुए जा रहा था । तभी मोटर चलने की आवाज़ आई। 
Sugarcane pile all over the verandah
पल भर में इंजन की आवाज़ बंद होते ही बाल्टी भर गन्ने का शीतल अमृत रूपी रस और गिलास हाज़िर था । शहरों में बिकने वाले छिले हुए गन्ने के रस की तरह चमकदार और साफ़ तो नहीं था पर गावं की मिटटी से जुड़ा ज़रा सा मठ -मैला पर स्वाद ऐसा की हलक से उतारते ही मानो जैसे मोक्ष प्राप्त हो गया हो! 
Juicer for lump sugar
भेलि और गुड़ के लिए निकले गए रस के भंडार को आग पर पकाने के साथ-साथ गन्ने के छिलके की गन्दगी तैरते हुए ऊपर आ जाती और तब उसे निकल दिया जाता है । वरना यूँही अमृत रस पीने के लिए गन्ने को छिलने की क्या जरुरत है। आखिर स्वाद और सेहत के साथ मिटटी की खुशबू भी मिल जाये तो क्या बुरा है?
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